बच्चों के संग बच्ची बन जाती,
बच्चों की तरह हँसती खिलखिलाती,
बीन कहे सब समझ जाती,
ऐसी प्यारी मुस्कुराती है मेरी माँ
जभी हो कोए तकलीफ तो अपने आप को आगे करती,
जितनी हो मुश्किल सफ़र साथ हमारे वो खडी रहती,
अपने हाथों से वो खाना खिलाती,
ऐसी प्यारी मुस्कुराती है मेरी माँ
अपने आंसू छुपाती है हम को कभी न रोने देती,
जब कभी मैं टूट जाती वो मुझे हिम्मत देती,
कभी कभी डांट कर सही राह दिखाती,
ऐसी प्यारी मुस्कुराती है मेरी माँ
कमजोरों का कोई जोर नहीं चलता ताकत का मतलब है समझाती,
अपने सपनो को टूटने मत देना हर पल हाँसला जगाती,
अपने सुखों का त्याग करती,
ऐसी प्यारी मुस्कुराती है मेरी माँ
घर को वो है अकेली संभालती,
अकेलेपन से कभी न घबराती,
सबका है वो ख्याल रखती,
ऐसी प्यारी मुस्कुराती है मेरी माँ
खुद टूट के सब को समेटती,
अपने दुखों को हमारे खुशियों केलिए भूलाती ,
हर पल मेरा साथ देती,
ऐसी प्यारी मुस्कुराती है मेरी माँ
--Sindhu suta Patro
बच्चों की तरह हँसती खिलखिलाती,
बीन कहे सब समझ जाती,
ऐसी प्यारी मुस्कुराती है मेरी माँ
जभी हो कोए तकलीफ तो अपने आप को आगे करती,
जितनी हो मुश्किल सफ़र साथ हमारे वो खडी रहती,
अपने हाथों से वो खाना खिलाती,
ऐसी प्यारी मुस्कुराती है मेरी माँ
अपने आंसू छुपाती है हम को कभी न रोने देती,
जब कभी मैं टूट जाती वो मुझे हिम्मत देती,
कभी कभी डांट कर सही राह दिखाती,
ऐसी प्यारी मुस्कुराती है मेरी माँ
कमजोरों का कोई जोर नहीं चलता ताकत का मतलब है समझाती,
अपने सपनो को टूटने मत देना हर पल हाँसला जगाती,
अपने सुखों का त्याग करती,
ऐसी प्यारी मुस्कुराती है मेरी माँ
घर को वो है अकेली संभालती,
अकेलेपन से कभी न घबराती,
सबका है वो ख्याल रखती,
ऐसी प्यारी मुस्कुराती है मेरी माँ
खुद टूट के सब को समेटती,
अपने दुखों को हमारे खुशियों केलिए भूलाती ,
हर पल मेरा साथ देती,
ऐसी प्यारी मुस्कुराती है मेरी माँ
--Sindhu suta Patro